11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने रचा इतिहास, 2600+ रेटिंग वाले ग्रैंडमास्टर को दी मात
ब्रिटेन की 11 वर्षीय भारतीय मूल की शतरंज प्रतिभा बोधना शिवानंदन ने विश्व शतरंज में नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने फ्रांस में चल रही डोले ट्रॉफी 2026 के पहले दौर में मौजूदा फ्रेंच चैंपियन और 2628 रेटिंग वाले ग्रैंडमास्टर मार्क'आंद्रिया मौरिज़ी को हराकर 2600 से अधिक रेटिंग वाले ग्रैंडमास्टर को मात देने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
महज 11 वर्ष 4 महीने की उम्र में बोधना ने यह उपलब्धि हासिल कर हंगरी की महान खिलाड़ी जूडित पोलगार का 38 वर्ष पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। पोलगार ने 1988 में 12 वर्ष 2 महीने की उम्र में पूर्व विश्व चैंपियनशिप दावेदार लाजोस पोर्टिश को हराकर यह रिकॉर्ड बनाया था।
मुकाबले में शुरुआती 27 चालों तक मौरिज़ी बेहतर स्थिति में थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने एक बड़ी सामरिक गलती कर दी, जिसका बोधना ने शानदार फायदा उठाया और उनकी रानी जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले भी बोधना दो ग्रैंडमास्टरों को हरा चुकी थीं, लेकिन यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
यह उपलब्धि उन्हें विश्व इतिहास में 2600+ रेटिंग वाले ग्रैंडमास्टर को हराने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों की सूची में भी पांचवें स्थान पर ले आती है। इस सूची में सबसे आगे उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव, उसके बाद अर्जेंटीना के फॉस्टिनो ओरो, रूस के रोमन शोगदझिएव और भारत के आर. प्रज्ञानानंदा शामिल हैं।
बोधना की सफलता यहीं नहीं रुकी। डोले ओपन 2026 में उन्होंने अपना दूसरा महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) नॉर्म और पहला इंटरनेशनल मास्टर (IM) नॉर्म भी हासिल कर लिया। अंतिम दौर में छह घंटे तक चले कठिन मुकाबले के बाद उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की।
भारतीय मूल की इस उभरती हुई प्रतिभा को शतरंज की दुनिया का भविष्य माना जा रहा है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनकी खूब चर्चा हो रही है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह विश्व महिला शतरंज की सबसे बड़ी सितारों में शामिल हो सकती हैं।