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गुजरात इंटरनेशनल - स्टेनी को विघनेश का झटका , गरबा के रंग में रंगे खिलाड़ी

11/10/2018 -

गुजरात इंटरनेशनल ग्रांडमास्टर शतरंज का आठवाँ राउंड प्रतियोगिता को और रोमांचक बना गया है और अब देखना होगा की अंतिम दो राउंड में कौन विजेता बन के सामने आता है । राउंड आठ में सबसे आगे चल रहे स्टेनी जीए को हमवतन विघनेश एनआर नें पराजित करते हुए उनकी एकल बढ़त खत्म कर दी और अब दोनों सयुंक्त बढ़त पर है। खैर स्टेनी के लिए अच्छी बात यह है की 9वे राउंड का मैच खेलते साथ ही वह अपना दूसरा ग्रांड मास्टर नार्म हासिल कर लेंगे ,उनके अलावा विघनेश का भी ग्रांड मास्टर नार्म लगभग तय है।अंतिम दो राउंड में निश्चित तौर पर हमें कड़े मुक़ाबले देखने को मिलेंगे।खैर उनके अलावा मैच के बाद आयोजको नें खिलाड़ियों को गरबा उत्सव में ले जाकर गुजरात की संस्कृति से सभी का परिचय कराया । रंग बिरंगी पोशाकों में  गरबा का महौल देखते ही बनता था और सभी नें शतरंज के काले और सफ़ेद रंगो में जैसे सारे रंग भर दिये । पढे यह लेख ।  

गुजरात इंटरनेशनल - हर्षा बने ग्रांड मास्टर , स्टेनी को सयुंक्त बढ़त

09/10/2018 -

अहमदाबाद ,गुजरात में हो रहे इंटरनेशनल ग्रांड मास्टर शतरंज टूर्नामेंट में भारत के वर्तमान राष्ट्रीय नेशनल जूनियर चैम्पियन हर्षा भारत कोठी नें खिताब के बड़े दावेदार तजाकिस्तान के ग्रांड मास्टर फारुख ओमाण्टोव को पराजित करते हुए अपने ग्रांड मास्टर खिताब का इंतजार खत्म कर लिया । पिर्क डिफेंस में हुए इस मुक़ाबले हर्षा नें शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और खतरे उठाए और एक समय जब उनका राजा खतरे में नजर आ रहा था पर फारुख उसका फायदा लेने के लिए कुछ गलत चालें चल गए और हर्षा नें एक शानदार जीत दर्ज कर दी । इसके पहले हर्षा नें पहले ही तीनों ग्रांड मास्टर नार्म हासिल कर लिए थे और अब उन्होने 2500 रेटिंग का आंकड़ा छूते हुए भारत के 56वे ग्रांड मास्टर होने का रिकार्ड अपने नाम कर लिया । प्रतियोगिता में 16 देशो के 250 खिलाड़ी भाग ले रहे है और टॉप सीड उक्रेन के मार्टिन कार्वस्टीव को दी गयी है । भारतीय खिलाड़ियों में कार्तिक वेंकटरमन ,रोहित ललित बाबू ,जीए स्टेनी और हर्षा पर सबकी नजरे है । जबकि महिला खिलाड़ियों में मेरी गोम्स और नंधिधा पीवी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है । फिलहाल 5 राउंड के बाद भारत के स्टेनी जीए अपने पांचों मैच जीतकर अर्मेनिया के लेवान बाबूजीयन के साथ सयुंक्त बढ़त पर चल रहे है । 

बातुमि ओलंपियाड - क्या इतिहास बस चार कदम दूर ?

02/10/2018 -

विश्व शतरंज ओलंपियाड में भारत को अपनी रफ्तार पकड़ने का वक्त आ गया है राउंड 7 के बाद भारतीय टीम दोनों ही वर्गो में पदक की दौड़ में बनी हुई है पर अगर भारत को इतिहास बनाना है तो अब आने वाले चार राउंड में भारत को कम से कम 3 जीत दर्ज करनी होगी । बात करे पुरुष टीम को तो अमेरिका के खिलाफ हार और रूस के खिलाफ ड्रॉ के अलावा टीम नें 5 मैच में जीत दर्ज की है और 11 अंको के साथ टीम वाकई पदक की बड़ी दावेदार बनी हुई है सभी खिलाड़ी अच्छी लय में है और टीम किसी भी एक खिलाड़ी पर पूरी तरह निर्भर नहीं है । हालांकि आनंद का टीम में होना टीम के लिए एक प्रेरणा का काम कर रहा है हरिकृष्णा , विदित , शशिकिरण और अधिबन सभी अच्छी लय मे है । महिला वर्ग की बात करे तो भारत पदक का दावेदार तो साफ तौर पर बना हुआ है और अब तक भारत नें एक भी मैच नहीं हारा है टीम नें अब तक 4 जीत और 3 ड्रॉ के साथ टीम 11 अंक लेकर शीर्ष की टीमों मे शामिल है । पर टीम को अपने तीसरे और चौंथे बोर्ड की कमजोरी से उबरना होगा । हम्पी , तनिया और हारिका नें अब तक अपनी भूमिका टीम के लिए अच्छी से निभाई है जबकि ईशा और पदमिनी का अच्छा खेलना टीम के लिए बेहद जरूरी है । पढे यह लेख  

बातुमि ओलंपियाड-आज है बड़ा दिन ! क्या जीतेगा भारत

30/09/2018 -

विश्व शतरंज ओलंपियाड में भारत के लिए आज बड़ा दिन है और देखना होगा की क्या भारत रूस और अमेरिका की चुनौती से पार पा सकेगा । पुरुष वर्ग में भारत अब तक 5 मैच में से 4 जीत और अमेरिका के विरुद्ध मिली एकमात्र हार के साथ 8 अंको को लेकर पदक की दौड़ में शामिल है पर आज भारत के सामने है दिग्गजों से सुसज्जित रूस की टीम और यह मैच आसान नहीं होने वाला है ना भारत के लिए ना रूस के लिए । आनंद के अनुभव के साथ भारतीय टीम फिलहाल लय में नजर आ रही है और अगर टीम नें रूस को हराया तो फिर पदक की राह में हम मजबूती से बढ़ जाएंगे । महिला वर्ग में भारत को आज सबसे आगे चल रही अमेरिका की टीम से मुक़ाबला खेलना है और पिछले बार भारत नें अमेरिका को पराजित भी किया था ऐसे में टीम की यह जीत भारत को शीर्ष में पहुंचा देगी । पुरुष वर्ग में आज आनंद ,हरिकृष्णा , विदित और शशिकिरण के खेलने की संभावना है तो महिला वर्ग में हम्पी , हारिका , तनिया और ईशा खेलते नजर आ सकते है । सीधे प्रसारण के लिए जुड़े रहे चेसबेस इंडिया से । 

बातुमि ओलंपियाड R3: भारत की केनेडा पर एकतरफा जीत

27/09/2018 -

बातुमि मे चल रहे 43वे शतरंज ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम नें केनेडा के उपर जोरदार जीत दर्ज करते हुए लगातार तीसरे मैच में अपने विजयक्रम को बरकरार रखा है भारत के लिए 5 बार के विश्व शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद नें  पहले बोर्ड पर लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए भारत को केनेडा के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने की आधारशिला रखी ,हरिकृष्णा और शशिकिरण नें अपने मुक़ाबले जीते तो विदित नें मैच ड्रॉ खेलकर भारत को 3.5-0.5 की बड़ी जीत दिला दी जबकि महिला वर्ग में भारत को झटका लगा जब हम्पी और हरिका के जीतने के बावजूद भारत जीत नहीं दर्ज कर सका और अन्य दो बोर्ड पर पदमिनी और ईशा की हार की वजह से भारत और सर्बिया के बीच मुक़ाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ ।  

बातुमि ओलंपियाड R 2 : टाइगर की दहाड़ , भारत जीता

26/09/2018 -

बातुमि शतरंज ओलंपियाड की शुरुआत भारत के लिए ठीक वैसी ही हुई है जैसी की जरूरत थी । राउंड 2 तब बेहद खास बन गया जब 5 बार के विश्व शतरंज चैम्पियन विश्वानाथन आनंद नें 12 साल बाद टीम मे वापसी करते हुए ओलंपियाड मे एक दशक बाद अपना पहला मैच ना सिर्फ खेला बल्कि एक शानदार जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया । साथ ही आनंद नें बता दिया की यह ओलंपियाड में वह कुछ खास ही करने आए है उनकी जीत नें ना सिर्फ उनकी बल्कि पूरी भारतीय टीम में एक जोश भर दिया है । औस्ट्रिया के खिलाफ विदित और हरिकृष्णा नें अपने मैच जीते तो भास्करन अधिबन नें ड्रॉ खेलते हुए भारत के खाते में 3.5-0.5 से जीत तय कर दी । महिला वर्ग में तो आज और बेहतर खेल नजर आया और हम्पी के विश्राम के चलते टीम में लौटी हरिका के नेत्तृत्व में टीम नें 4-0 की एकतरफा जीत वेनेजुएला पर दर्ज की । आने वाला हर मैच अब कडा होता जाएगा और देखना होगा की टीम कैसे अपनी रणनीति पर काम करती है । 

ओलंपियाड :पहला राउंड: जीत के साथ शुरुआत !

25/09/2018 -

विश्व शतरंज ओलंपियाड बातुमि का पहला दिन भारत के लिए महिला और पुरुष दोनों वर्गो में जीत लेकर आया । महिला खिलाड़ियों नें न्यूजीलैंड को 4-0 से तो पुरुषो नें एल साल्वाडोर को 3.5-0.5 से पराजित किया । प्रतियोगिता में पहला राउंड कभी आसान नहीं होता और यह सभी के खेलो में नजर भी आया । महिला वर्ग में हम्पी ,ईशा और पदमिनी नें आसान सी जीत दर्ज की तो तनिया मुश्किलों से घिर गयी थी और एक समय लगा की वह मैच हार भी सकती है पर उन्होने संयम के साथ खेलते हुए अच्छी वापसी की और हार के मुह से जीत छीनते हुए  एक आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत दर्ज की । पुरुष वर्ग में शशिकिरण को छोड़कर सभी खिलाड़ियों नें अच्छी आसान जीत दर्ज की ,इंग्लिश ओपनिंग में शशि नें वैसे तो अच्छा खेल दिखाया और दबाव बनाने की पूरी कोशिश की पर उनके कमजोर राजा के चलते अंत में उन्हे ड्रॉ खेलना पड़ा । खैर जीत तो जीत होती है और भारतीय खेमे में निश्चित तौर पर यह एक अच्छी शुरुआत है । 

बातुमि ओलंपियाड शुभारंभ -अविस्मरणीय समारोह

24/09/2018 -

अविस्मरणीय नजारा ! अद्भुत समारोह और उससे भी बढ़कर 185 देशो के प्रतिनिधियों की यादों मे हमेशा हमेशा के लिए समा गया हर एक नजारा ! वाकई जॉर्जिया नें अपने स्वागत समारोह से हर किसी का मन मोह लिया । दुनिया एक मात्र ऐसा खेल आयोजन जहां एक खेल की 185 देशो की टीमें एक साथ एक जगह ना सिर्फ खेलेने के लिए आती हो बल्कि विश्व भर की विभिन्न संस्कृतियों का आपस मे मिलना और प्रेम और भाईचारे का संदेश प्रसारित करना अपने आप मे एक बेहद पवित्र कार्य है । स्वागत समारोह मे आयोजको नें वाकई शतरंज ओलंपियाड की इतिहास का सबसे बेहतरीन आयोजन करने का अंदाजा सभी को दे दिया है और अब वक्त आ गया है इस दिमागी जंग का । कौन किस पर पड़ेगा भारी कौन करेगा उलटफेर तो किसको पड़ेगी गलती भारी । आपके लिए हर खबर छोटी या बड़ी रोचक या रोमांचक लेकर आएगा चेसबेस इंडिया पढे यह लेख और जुड़े रहे हमसे !

अभिमन्यु ने तोड़ा चक्रव्यूह ! बने विश्व जूनियर शतरंज उपविजेता!

16/09/2018 -

भारत के नए नायक अभिमन्यु पौराणिक नें एक इतिहसिक प्रदर्शन करते हुए विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप का रजत पदक भारत की झोली में डालकर ना सिर्फ तिरंगे का सम्मान बढ़ाया बल्कि भारतीय शतरंज के विश्व शतरंज में कायम दबदबे को कायम रखा । अभिमन्यु का यह प्रदर्शन हमेशा याद किया जाएगा क्यूंकी एक समय तो ऐसा साफ तौर पर लग रहा था की भारत शायद इस बार कोई भी पदक हासिल ना कर पाये पर अभिमन्यु नें अंतिम चार निर्णायक राउंड में अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा उठाकर भारतीय शतरंज प्रेमियों को खुशी मनाने का एक मौका दे दिया । अंतिम मुक़ाबले में उन्होने जिस तरह से संयम का परिचय दिया वह उनके भविष्य के बड़े खिलाड़ी बनने की दस्तक है । ईरान के परहम मघसूदलू अंतिम राउंड हारकर भी विश्व जूनियर विजेता बन गए तो तीसरा स्थान  रूस के सेरगी लोबानोव नें हासिल किया । शीर्ष 10 में भारत के हर्षा भारतकोठी नें भी जगह बनाई । खैर इन सबके बीच ईरान नें बताया की शायद वह विश्व शतरंज का एक और सुपर पावर बनने की ओर अग्रसर है । पढे यह लेख । 

अभिमन्यु के पराक्रम से जिंदा भारत की उम्मीद !!

14/09/2018 -

भारतीय सभ्यता में अभिमन्यु का नाम बेहद ही शौर्य और वीरता के लिए जाना जाता है ,कहते है की जब महाभारत के युद्ध में युवा अभिमन्यु नें युद्ध किया था तो उसके सामने बड़े बड़े दिग्गज भी धराशायी हो गए थे कुछ उसी तरह विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में भारत के सबसे दिग्गज माने जा रहे खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बीच भारत के युवा ग्रांड मास्टर और अपने नाम को चरितार्थ करते हुए अभिमन्यु पौराणिक एक के बाद एक बड़े बड़े नामों को पराजित करते हुए आगे बढ़ते जा रहे है और अगर उनका यही प्रदर्शन जारी रखा तो भारत विश्व चैंपियनशिप से खाली हाथ वापस नहीं लौटेगा। बालिका वर्ग में वार्षिनी वी नें भी अपने खेल जीवन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत की पदक की उम्मीद कायम रखी है । वही ईरान के परहम नें जीत का परचम कुछ यूं लहराया है की उनका विश्व जूनियर चैम्पियन बनना अब लगभग तय हो गया है । 

विश्व जूनियर - क्या अभिमन्यु और कार्तिक दिलाएँगे पदक

13/09/2018 -

विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में अब 8 राउंड का खेल हो चुका है और अब अंतिम तीन राउंड में बेहतर खेल दिखाने वाले खिलाड़ी पदक के विजेता बनके सामने आएंगे । अब तक बात करे तो निर्विवाद रूप से ईरान के परहम मघसूदलू सबसे बेहतर खिलाड़ी नजर आ रहे है और अगर वह अगले विश्व जूनियर शतरंज चैम्पियन बन भी जाते है तो इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए । भारत की बात करे तो जिनसे सबसे ज्यादा उम्मीद थी वह अब तक कोई खास कमाल नहीं दिखा सके है हम बात कर रहे है मुरली कार्तिकेयन ,अरविंद चितांबरम और सुनील नारायण की ,पर उम्मीद है अगले तीन राउंड ये तीनों जोरदार वापसी करेंगे । पर अगर किसी नें भारत के लिए पदक की उम्मीद बचाए रखी है तो वह है कार्तिक वेंकटरमन और अभिमन्यु पौराणिक और दोनों ही फिलहाल शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 अंक बनाकर सयुंक्त तीसरे स्थान पर कायम है और अब देखना होगा की ये दोनों भारत के झोली में पदक डालते है ? पढे यह लेख 

विश्व जूनियर चैंपियनशिप - हर्षा सयुंक्त बढ़त पर !

08/09/2018 -

गेब्जे ,टर्की में चल रही विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में भारत के हर्षा भारतकोठी नें शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने ग्रांड मास्टर खिताब के बेहद करीब पहुँच गए है और जैसा खेल वह खेल रहे है हमें जल्द ही भारत के 56 वे ग्रांड मास्टर बन जाएंगे ! प्रतियोगिता के  तीसरे दिन दो मुक़ाबले खेले गए और जहां शीर्ष भारतीय खिलाड़ी मुरली कार्तिकेयन ( 2602)  अरविंद चितांबरम (2578) और सुनील नारायणन (2573) के परिणाम भारत की उम्मीद के उलट रहे तो  युवा  नेशनल जूनियर चैम्पियन हर्षा भारतकोठी (2474)  नें सभी को चौंकाते हुए लगातार चार मैच जीतकर सयुंक्त बढ़त हासिल कर ली है तो युवा अभिमन्यु पौराणिक भी तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ सयुंक्त दूसरे स्थान पर जा पहुंचे है । चार राउंड के बाद भारतीय खिलाड़ियों में हर्षा भारतकोठी 4 अंको के साथ सयुंक्त पहले स्थान पर ,अभिमन्यु पौराणिक 3.5 अंक के साथ सयुंक्त दूसरे स्थान पर ,अरविंद , मुरली और कार्तिक 3 अंक पर ,सुनील नारायण और राजा हर्षित 2.5 अंको पर खेल रहे है । पढे यह लेख !

विश्व जूनियर : ईशा का उलटफेर ,भारत की अच्छी शुरुआत !

06/09/2018 -

टर्की के गेब्जे में विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप का शानदार और भव्य आगाज हो गया है और भारत के लिए पहला दिन उम्मीद के अनुसार ही बेहद बेहतरीन रहा है और तकरीबन सभी प्रमुख खिलाड़ियों नें जीत के साथ अपने सफर की शुरुआत की है । बड़ी खबर रही बालिका वर्ग में जहां भारत की डबल्यूसीएम ईशा शर्मा नें छठी सीड अजरबैजान की  ग्रांड मास्टर होजातोवा आयदान को पराजित करते हुए दिन की सबसे बड़ी जीत अपने नाम की और साक्षी चित्लांगे , एम महालक्ष्मी ,वर्षीनी और इवाना मारिया नें जीत के साथ अपने सफर की शुरुआत की । वही बालक वर्ग में मुरली कार्तिकेयन ,अरविंद चितांबरम , सुनील नारायनन नें भी जीत के साथ अपना खाता खोला । टर्की शतरंज संघ नें अपनी मेहमान नवाजी से सभी का दिल पहले ही जीत लिया है । चेसबेस इंडिया के सीईओ सागर शाह और क्रिएटिव हेड अमृता मोकल की मौजूदगी से चेसबेस इंडिया आप तक ला रहा है विश्वस्तरीय विडियो ओर तस्वीरे ! पढे यह लेख !

विश्व जूनियर:क्या भारत का 8 साल का सूखा होगा खत्म ?

03/09/2018 -

भारत से अब तक बालक वर्ग में विश्वनाथन आनंद ( 1987),पेंटाला हरीकृष्णा (2004) और अभिजीत गुप्ता ( 2008) तो बालिका वर्ग में कोनेरु हम्पी (2001),हारिका द्रोणावल्ली (2008) और सौम्या स्वामीनाथन ( 2009) में विश्व जूनियर चैम्पियन रह चुके है । देखना होगा की क्या इस बार कोई भारतीय खिलाड़ी इस 8 वर्ष के सूखे को खत्म करेगा । कल से टर्की में दुनिया भर के 65 देशो से जुटे प्रतिभाशाली युवा विश्व जूनियर शतरंज चैम्पियन बनने के लिए  शह और मात के इस खेल में अपनी सारी ऊर्जा लगा देंगे । विश्व शतरंज को हमेशा इस चैंपियनशिप से भविष्य के कुछ बड़े खिलाड़ी मिले है ।भारत के लिए भी जिन खिलाड़ियों नें यह खिताब जीता वह आज भी भारत के सबसे ज्यादा सफल खिलाड़ियों में से एक है ।विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप को जीतने वाले बोरिस स्पासकी ,अनातोली कार्पोव ,गैरी कास्पारोव और विश्वनाथन आनंद आगे चल कर विश्व चैम्पियन भी बने। कुछ ऐसे भी रहे जो इसे जीतकर बाद में गुमनाम हो गए तो कुछ ऐसे जो विश्व चैम्पियन तो नहीं बने पर हमेशा विश्व के दिग्गज खिलड़ियों में शामिल रहे । पढे यह लेख