chessbase india logo

बातुमि ओलंपियाड R3: भारत की केनेडा पर एकतरफा जीत

by Niklesh Jain - 27/09/2018

बातुमि मे चल रहे 43वे शतरंज ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम नें केनेडा के उपर जोरदार जीत दर्ज करते हुए लगातार तीसरे मैच में अपने विजयक्रम को बरकरार रखा है भारत के लिए 5 बार के विश्व शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद नें  पहले बोर्ड पर लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए भारत को केनेडा के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने की आधारशिला रखी ,हरिकृष्णा और शशिकिरण नें अपने मुक़ाबले जीते तो विदित नें मैच ड्रॉ खेलकर भारत को 3.5-0.5 की बड़ी जीत दिला दी जबकि महिला वर्ग में भारत को झटका लगा जब हम्पी और हरिका के जीतने के बावजूद भारत जीत नहीं दर्ज कर सका और अन्य दो बोर्ड पर पदमिनी और ईशा की हार की वजह से भारत और सर्बिया के बीच मुक़ाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ ।  

मैच के पहले हमेशा के जैसे विदित अपने नीदरलैंड के दोस्तो के साथ बातचीत करते हुए | Photo: Amruta Mokal

आज आनंद का दिन था और उन्होने अपनी तैयारी और समझ से एरिक हेनसन को कोई मौका नहीं दिया   | Photo: Amruta Mokal
मैच के बाद आनंद नें चेसबेस इंडिया से अपने मैच के  बारे मे बातचीत की 

हरिकृष्णा तो जैसे बराबरी पर चल रही बाजी जीतने में महारत हासिल कर चुके है और यह  उन्होने एक बार फिर साबित किया   | Photo: Amruta Mokal

काले नें अभी अभी घोड को  c6 पर चला है . आप किस चाल का चुनाव करेंगे ?

ग्रांडमास्टर सूर्या शेखर गांगुली का विश्लेषण :

विदित खेल की शुरुआत से ही थोड़ा मुश्किल में थे पर उन्होने खेल में बने रहने का प्रयास किया और बरीव के खिलाफ मैच बचाने में सफल रहे । और अंत में तो एक ऐसा मौका आया जब विदित खेल मे जीतने के बारे में भी सोच सकते थे । 

विदित और बरीव के खेल के अंतिम कुछ लम्हे 

अमन हंबल्टोन को पराजित करते हुए शशिकिरण नें भारत के खाते में 3.5-0.5 की जीत सुनिचित कर दी ।  Photo: Niklesh Jain

महिला वर्ग :

भारत से आज के मुक़ाबले में सर्बिया के खिलाफ किसी नें भी ड्रॉ की उम्मीद नहीं की थी और वो भी तब जब भारत के पहले दोनों बोर्ड हम्पी और हरिका नें जीतकर दिये हो । खैर भारत यह मुक़ाबला निश्चित तौर पर जीत सकता था और अंतिम दोनों बोर्ड पर भारत का अप्रत्याशित तौर पर हारना वाकई चौंकाने वाला रहा । 

भले ही हम्पी दो साल के अंतराल के बाद खेल मे लौटी है पर उनका खेल किसी भी मायने में कमजोर नजर नहीं आता और यह भारत के लिहाज से एक शानदार बात है   | Photo: Amruta Mokal

थोड़े उतार चढ़ाव के बाद हरिका मैच को जीतने में सफल रही ओर यह उनकी लगातार दूसरी जीत थी    | Photo: Amruta Mokal

ईशा आज अचानक से शुरुआत से ही गलतियाँ कर बैठी और मैच उनके हाथ में कभी भी नहीं रहा . | Photo: Amruta Mokal

पद्मिनी के लिए यह मैच  हारना उनके लिए और टीम के लिए चिंता की बात है | Photo: Amruta Mokal

भारतीय महिला टीम कोच जेकब ओगार्ड के द्वारा टीम के सभी मैचों का विश्लेषण :

भारतीय पुरष टीम कोच आरबी रमेश का इंटरव्यू :

राउंड 4 :

क्या भारत अपना विजय रथ जारी रख पाएगा !

Follow all the action live at 16.30 hours IST


Related news:

1) Humpy is back! @ 21/09/2018 by Nongsha Angom (en)

World U10 Champion in 1997, World Girls U10 Champion and World Girls U12 Champion in 1998, Asian Girls U20 Champion in 2000, World Girls U14 Champion in 2001, World Girls U20 Champion in 2001 and runner-up in 2002. In 2000 she won the British Ladies Championship, becoming the youngest winner of the British Ladies title. She repeated her victory in 2002. After winning the World Girls U14 championship title, she Asia’s youngest Woman Grandmaster. In 2002, at the age of 15 years, 1 month, and 27 days she broke another record by being the youngest woman to receive the Grandmaster title. Arjuna Awardee and Padma Shri, she is our pride and star player Koneru Humpy, and she is back to play for team India at the Olympiad 2018 in Batumi after a hiatus of two years.