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आईआईएफ़एल ओपन - परहम नें लहराया परचम !

by Niklesh Jain - 10/01/2018

मुंबई ,भारतीय ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट सीरीज का अंतिम मुक़ाबला ईरान के परहम मघसूदलू के पक्ष में गया और 8 अंको के साथ उन्होने आईआईएफ़एल मुंबई इंटरनेशनल के तीसरे संस्करण का खिताब अपने नाम कर लिया शीर्ष तीन मे भारतीय खिलाड़ी जगह नहीं बना सके लेकिन जूनियर वर्ग मे भारत के खिलाड़ी छाए रहे और शीर्ष 5 में से चार स्थान भारत के कब्जे में रहे । 11 वर्षीय डी गुकेश नें जूनियर वर्ग का खिताब अपने नाम किया । खैर बड़ी बात विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद का पुरुष्कार वितरण में शामिल होना रहा जैसे उनके आने से हर किसी को मन उत्साह से भर गया और मैच में जीत हार और पुरुष्कार ना मिलने का गम सब पीछे छूट गया और बस आनंद ही आनंद हो गया । 

 

मुंबई ,महाराष्ट्र , ( निकलेश जैन ) भारतीय ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट सीरीज का अंतिम मुक़ाबला ईरान के परहम मघसूदलू के पक्ष में गया और 8 अंको के साथ उन्होने आईआईएफ़एल मुंबई इंटरनेशनल के तीसरे संस्करण का खिताब अपने नाम कर लिया ।

मात्र 31 चालों में ड्रॉ खेलते हुए परहम नें खिताब आसानी से अपने नाम रखा

अंतिम राउंड में आधा अंक की बढ़त के साथ खेल शुरू करते हुए उन्होने इटली के अनुभवी ग्रांड मास्टर डेविड अल्बर्टों को आसानी से ड्रॉ पर रोकते हुए यह खिताब अपने नाम कर लिया ।

डेविड अल्बर्टो 7.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहे । भारत की उम्मीद और छह राउंड तक शीर्ष पर रहे दीपन चक्रवर्ती को अंतिम राउंड में अमेरिकन ग्रांड मास्टर तिमूर गेरेव नें पराजित करते हुए तीसरा स्थान हासिल कर लिया और इसका परिणाम यह हुआ की दीपन 7 अंको के साथ चौंथे स्थान पर रहे । | Photo: Amruta Mokal

इसके बाद टर्की के सुआत अटालिक ,उक्रेन के एडम तुखेव ,मलेशिया के ली तियान ,भारत के अभिजीत गुप्ता ,तजाकिस्तान के के मुहम्मद ,और भोपाल ओपन विजेता वियतनाम के डुक हुआ 7 अंक बनाकर क्रमशः 5 वे से 10 वे स्थान पर रहे ।  

भले ही वो चौंथे स्थान पर रहे पर दीपन नें शानदार शतरंज खेली ... | Photo: Niklesh Jain

...तिमूर गरेव  ,निश्चित ही एक असाधारण इंसान !   | Photo: Niklesh Jain

टर्की के ग्रांड मास्टर सुआत अटालिक नें अब तक भारत में खेले भोपाल ओपन में अब तक एक भी मैच रही हारा है ! | Photo: Niklesh Jain

भारत के युवा अर्जुन एरगासी नें अपना इंटरनेशनल मास्टर नार्म हासिल किया   | Photo: Niklesh Jain

दिव्या  देशमुख नें भी अपना पहला  डबल्यूआईएम नार्म  हासिल किया ,कहना होगा की दिव्या भारतीय महिला शतरंज में भविष्य की बड़ी उम्मीद है | Photo: Niklesh Jain

वाह क्या खेली दिव्या !

अभिजीत से निश्चित तौर पर बहुत उम्मीद थी और उन्होने अच्छी शतरंज खेली भी ,खैर  अब दिल्ली में उन से उम्मीद रहेगी  | Photo: Niklesh Jain

फ़ाइनल रैंकिंग 

Rk.SNo NameTypsexGrFEDRtgIPts. TB1  TB2  TB3  TB4  TB5 wwew-weKrtg+/-
16
GMMaghsoodloo ParhamU18IRI25708,00,050,554,53,07,086,731,271012,7
25
GMDavid AlbertoITA25717,50,052,055,53,06,07,56,481,021010,2
32
GMGareyev TimurUSA26067,50,048,051,52,07,07,57,69-0,1910-1,9
415
GMDeepan Chakkravarthy J.IND24737,00,052,556,53,07,075,281,721017,2
57
GMAtalik SuatTUR25457,00,049,553,01,05,076,840,16101,6
64
GMTukhaev AdamUKR25757,00,049,054,02,06,077,06-0,0610-0,6
714
IMYeoh Li TianU18MAS24807,00,048,553,01,05,076,570,43104,3
81
GMGupta AbhijeetIND26107,00,048,052,53,06,077,29-0,2910-2,9
920
IMKhusenkhojaev MuhammadTJK24517,00,047,552,04,05,076,190,81108,1
1011
GMNguyen Duc HoaVIE25047,00,047,551,52,06,077,19-0,1910-1,9
119
GMSwapnil S. DhopadeIND25337,00,047,551,52,05,077,50-0,5010-5,0
128
GMTran Tuan MinhU20VIE25447,00,047,052,03,06,077,17-0,1710-1,7
1334
Sammed Jaykumar SheteU18IND23517,00,047,050,53,06,076,630,37207,4
1416
GMHorvath AdamHUN24736,50,050,055,02,05,06,56,57-0,0710-0,7
153
GMRozum IvanRUS25956,50,048,553,54,05,06,57,16-0,6610-6,6

विश्वानाथन आनंद के आने से जैसे पुरुष्कार वितरण में  जैसे एक नयी ऊर्जा आ गयी | Photo: Niklesh Jain

 

ओपन वर्ग में जहां भारत का नाम शीर्ष 3 में नहीं रहा तो ....... 

अंडर 13 वर्ग में भारत का ही कब्जा रहा 

मुंबई इंटरनेशनल के अंडर 13 के जूनियर वर्ग का खिताब भारत के डी  गुकेश नें जीता , पहले चार स्थान भारत के ही हिस्से आए दूसरा स्थान वी प्रणव ,तीसरा आर्यन वर्षने और चौंथा स्थान अनुज श्रीवत्रि नें हासिल किया पांचवे स्थान पर बांगलादेश के जिया तहसीन रहे । 

आनंद की मौजदुगी है वहाँ मौजूद हर इंसान के अंदर उत्साह भरने के लिए काफी थी 

" यह जीत मेरे लिए भी एक अप्रत्याशित थी " विश्वनाथन आनंद - पुरुष्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आए विश्व रैपिड शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद नें बताया की 48 वर्ष की उम्र में यह जीत उन्हे भी चौंका गयी , उन्होने कहा की लंदन क्लासिक में अंतिम राउंड में रहने के बाद जब में रियाध गया तो मेरे पास कोई खास उम्मीद नहीं थी पर मेरे मैच अच्छे रहे और कार्लसन को हराने के बाद और मुझे मेरे अच्छे खेल का अहसास किया और क्यूंकी यह जीत इस उम्र में आई है जब लोग मेरे सन्यास की बात कर रहे थे तो यह बेहद खास है । एक और सवाल के जबाब में उन्होने कहा की शायद खराब प्रदर्शन के बाद मैं अपने आप ही अच्छा करने के लिए प्रेरित हो जाता हूँ ।

यह लम्हा बेहद खास था जब दिवेयन्दु आनंद से मिलने उनके करीब आए । भारतीय शतरंज के वो दिग्गज जिन्होने भारतीय शतरंज को एक नयी दिशा दी 

आईआईएफ़एल के मालिक श्री भगत नें आगे भी और बेहतर मैच आयोजित करने का वादा दोहराया और 208-19 के कार्यक्रम की घोषणा की 

और यह सब निश्चित तौर पर आयोजन सचिव प्रफुल झावेरी जी की सोच का परिणाम है 

राजस्थानी महक को लेकर आए ये नन्हें बच्चे 

तो महाराष्ट्र की संस्कृति के परिचायक बनकर सामने आए ये बच्चे 

आनंद के साथ आर्बिटर की टीम जिन्होने यह कार्यक्रम सफल बनाया 

गुकेश वाकई प्रग्गानंधा और निहाल के ठीक पीछे आगे बढ़ रहे है 

उम्मीद है आपको मुंबई से हिन्दी और अँग्रेजी भाषा में खेल का विश्लेषण पसंद जरूर आया है . Photo Angela Franco

दनादन शतरंज का यह विडियो देखना ना भूले और भेजे अपने सुझाव 

 

सुने प्रफुल झावेरी जी को 

 


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