उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में आयोजित हुआ निःशुल्क 2 दिवसीय बिग चैस समर कैंप!
भदोही के राजपूत ढाबा में 2 दिन (27-28 मई 2026) का बिग चैस समर कैंप आयोजित किया गया। श्रीजन लर्निंग हब फाउंडेशन के निरंतर प्रयासों से भदोही में शतरंज की गतिविधिओं को काफी लाभ हुआ है। भदोही वही नगर है जिसकी 5 लड़कियों (4 प्लेयर्स + 1 मेंटर) - डुओलिंगो ड्रीमर्स ने हाल ही में फिडे वर्ल्ड स्कूल टीम्स चैस चैपियनशिप 2026 - एशियाई कॉन्टिनेंटल स्टेज में हिस्सा हिस्सा लेते हुए 2 अन्य दलों के साथ अलमाटी , कजकस्तान मे भारत का प्रतिनिधित्व किया था। यह कैंप श्रीजन लर्निंग हब एवं टीच चैस इंडिया (चैसबेस इंडिया की एक पहल) के एकजुट प्रयास से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य है की जिला के बच्चो को शतरंज से रूबरू कराया जाये एवं मौजूदा खिलाड़ियों के शतरंज सिद्धांतो को मजबूती मिले।
'बिग चैस समर कैंप' क्या है?
बिग चैस समर कैंप चैसबेस इंडिया की एक पहल है, जिसके माध्यम से नए लोगो को शतरंज से जुड़ने का मौका प्रदान किया जाता है, एवं शतरंज के मौजूदा खिलाड़िओं को बेहतर बनने में मदद करता है। इस कार्यक्रम में निःशुल्क ही लोगों को शतरंज खेलने एवं प्रबल बनने का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह कैंप इससे पहले इसी वर्ष मुंबई, बैंगलोर जैसे महानगरों में आयोजित किया जा चुका है। पिछले कुछ वर्षो में यह कार्यक्रम जबलपुर, मेघालय, गुजरात, लखनऊ एवं अन्य शहरों में भी आयोजित किया जा चुका है।

इस कैंप के लिए टीच चैस इंडिया के प्रशिक्षकों ने एक ख़ास पाठ्यक्रम तैयार किया है। यह पाठ्यक्रम सभी वर्ग के चैस खिलाड़िओ के लिए बना है - शुरुआती से विशेषज्ञ तक सबको कुछ सीखने का मौका मिलता है। यह पाठ्यक्रम 4 स्तरों में बंटा हुआ है। कुल मिलाकर इन 4 स्तरों में 45 वर्कशीट्स मौजूद हैं। स्थल पर मौजूद ट्रेनर्स प्रतियोगी के कौशल को जांच कर उन्हें उचित स्तर से शुरुआत करने की सलाह देते हैं। एक वर्कशीट सही हल करने के बाद ही प्रतियोगी को अगली वर्कशीट पर बढ़ने दिया जाता है।

मुंबई कैंप में 1 से 45 तक क्रम में लगे हुए चैस वर्कशीट्स
'बिग चैस समर कैंप' अब उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में!
श्रीजन लर्निंग हब ने जनवरी 2026 में चेकमेट हर लिमिट्स नाम से मुहीम चलाई, जिसमे चैस के माध्यम से महिला शशक्तिकरण के लिए लोगो को जागरूक किआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रीजन लर्निंग हब ने भदोही की बच्चियों को चैस से परिचय कराया।
केवल 2 महीनो के अंतराल में, इन बच्चो ने चैस खेलना सीखा और आस पास के शहरों में प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया। उनके प्रयासों को मनोबल देने के लिए फिडे वर्ल्ड स्कूल टीम्स चैस चैपियनशिप 2026 (एशियाई कॉन्टिनेंटल स्टेज) के आयोजकों ने उनकी टीम को वाइल्डकार्ड एंट्री देकर अल्माटी, कजाखस्तान में प्रतियोगिता में भाग लेने का आमंत्रण दिया। डुओलिंगो ड्रीमर्स टीम का प्रदर्शन एवं श्रीजन लर्निंग हब के प्रयासों को देखकर चैसबेस इंडिया की टीम प्रभाभित हुई और बच्चों के शतरंज सिद्धांतो को मजबूती देने के लिए चैस कैंप करने के लिए आमंत्रित किया।

यह कैंप 27 एवं 28 मई को भदोही के राजपूत ढाबा, गोपीगंज में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मे सभी उम्र के प्रतिभागियों एवं अभिभावक को आमंत्रित किया गया था।

राजपूत ढाबा के मालिक ने किया इस कार्यक्रम का शुभारंभ!
राजपूत ढाबा के मालिक - श्री रणंजय सिंह ने अपने भाषण से बच्चो का मनोबल बढाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राजपूत ढाबा ने बड़ा समर्थन किया है। राजपूत ढाबा ने हमे यह सुन्दर हॉल देकर कार्यक्रम का समर्थन किया है।

'चेकमेट हर लिमिट्स' की मेंटर्स के किया प्रतियोगियों का मार्गदर्शन!
'चेकमेट हर लिमिट्स' एक कार्यक्रम है, जिसके मध्यान से सृजन लर्निंग हब चैस को महिला शशक्तिकरण का एक साधन बनाकर भदोही के कई गाओं में लड़कियों को चैस सिखा रहे हैं। इस कार्यक्रम के मेंटर्स ने ट्रेनर बनकर, बिग चैस समर कैंप में अपना योगदान दिया। यह मेंटर्स आस पास के कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढाई कर रही हैं, अथवा अपने-अपने गावों में चैस प्रशिक्षण देने के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार हैं। इस कार्यक्रम में 10 मेंटर्स ने, जो की अलग-अलग गावों से हैं, बढ़ चढ़ कर भाग लिया और प्रतियोगिओं को मार्गदर्शन किया।

सभी मेंटर्स के लिए एक अतिरिक्त दिन 26 मई को ट्रेनिंग दी गई। ये लड़कियां अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों को निःशुल्क चैस सिखाने का भी काम करती हैं। इस ट्रेनिंग कैंप में, उन्हें चैस अभ्यास के अलावा प्रशिक्षण विधियों को साझा करते हुए यह भी सिखाया गया की वह बच्चों को आगे बढ़ने में कैसे मदद कर सकते हैं।

'चेकमेट के लिमिट्स' और चैसबेस इंडिया से आए प्रमुख कोच
चेकमेट हर लिमिट्स कार्यक्रम के शिक्षक - प्रभात यादव, अंकित यादव एवं अमन कुमार गुप्ता और टीचचैस इंडिया के ट्रेनर्स प्रियंका वेद और हर्ष कुमार ने सभी प्रतियोगियों और ट्रेनर्स का मार्गदर्शन किआ। इन्होंने हेड कोच की भूमिका निभाकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

ख़ुशी मौर्या, यश यादव और कनक बने 'राइजिंग स्टार ऑफ़ द डे '!
प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ने के लिए आयोजकों ने हर दिन एक 'राइजिंग स्टार ऑफ़ द डे' चुनने की घोषणा की। पहले दिन यह ख़िताब गेराई (गोपीगंज) की ख़ुशी मौर्या ने जीता! ख़ुशी ने कैंप में आकर न केवल पहली बार शतरंज के नियमो को जाना, बल्कि शतरंज में ख़ास रूचि दिखाते हुए शीघ्र ही सभी शतरंज मोहरों को चलना, उनके नोटशन्स लिखना सीख कर प्रशिक्षकों को प्रभावित किआ।

कैंप के दूसरे दिवस पर यह ख़िताब दो प्रतिभागियों को प्रदान किया गया। किंग ऑफ़ द डे का ख़िताब बारीपुर (कोइरौना) के यश यादव को एवं वहीं क्वीन ऑफ़ द डे कनक को प्रदान किया गया। कनक ने केवल ३ महीने पहले ही चैस सीखने की शुरुआत की थी। कनक और यश ने कैंप के दौरान चैस खेल में गहन अभिरुचि व्यक्त की।


इसके अलावा कैंप में सम्पूर्ण प्रदर्शन को देखते हुए ३ अन्य प्रतियोगियों को चैस बोर्ड भेंट कर आयोजकों ने मनोबल बढ़ाया। इसमें प्रतियोगी तेजस यादव, उत्कर्ष श्रीवास्तव एवं आयुष सिंह शामिल थे।
तेजस यादव की माँ एक अध्यापिका हैं। उन्होंने मंच पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया की उनका बेटा १ साल पहले फ्री फायर नाम के मोबाइल गेम का आदि था। उनके इस आदत से चिंतित होकर उन्होंने तेजस के साथ चेस खेलना चालू किया। धीरे-धीरे तेजस मोबाइल गेम से दूर होता गया, और अब ग्रांडमास्टर बनने का सपना देख रहा है।



उत्कर्ष श्रीवास्तव वाराणसी से आते हैं। उनके मामा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक स्थानीय चेस खिलाड़ी हैं। चैस प्रशिक्षण के अभाव में वह चैस से दूर हो गए। अब वह उत्कर्ष को आस पास हो रहे चैस आयोजनों में ले जाते हैं, और उन्हें आशा है की उत्कर्ष आने वाले समय में एक बेहतरीन खिलाडी बनेगा। उत्कर्ष ने बड़ी लगन से इस कैंप में भाग लिया और यही देखते हुए आयोजकों ने उन्हें चुना।
बिग चैस समर कैंप समापन समारोह
समापन से पहले, कैंप के प्रमुख कोच प्रियंका वेद, अमन कुमार गुप्ता, हर्ष कुमार ने चैस साईंमल के अंतर्गत बच्चों के साथ चैस की एक बाज़ी खेली। अमन कुमार गुप्ता ने अपने सभी 7 बाज़ी में जीत दर्ज की। प्रियंका वेद ने अपनी 8 में से 6 बाज़ी में, एवं हर्ष ने अपनी 7 में से 6 बाज़ी में जीत दर्ज की।
समापन समारोह में भदोही के प्रसिद्ध कारपेट कंपनी ओबीटी के मैनेजर श्री इंद्रबली सिंह शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगी बच्चों से बातचीत की, एवं चैस में अपना अनुभव साझा किया। समापन समारोह में राजपूत ढाबा के मालिक श्री रणंजय सिंह एवं श्री संतोष कुमार गुप्ता भी शामिल हुए।
उन्होंने 'चेकमेट हर लिमिट्स' प्रोग्राम के शिक्षकों—श्री प्रभात यादव, अंकित यादव और अमन कुमार गुप्ता—की सराहना करते हुए, अपने जिले में शतरंज की बढ़ती संस्कृति का श्रेय उन्हें दिया।
अंततः टीच चैस इंडिया के शिक्षकों - प्रियंका वेद एवं हर्ष कुमार को स्मृति-चिह्न, एवं भदोही की धरोहर - एक कस्टमाइज्ड कालीन उपहार के रूप में देकर सम्मानित किया।
